10 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़े जेल फरार दो इनामिया बंदी, STF और सिधारी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारी
वर्ष 2016 में जिला कारागार आजमगढ़ से फरार हुए दो कुख्यात इनामिया बंदियों को आखिरकार 10 वर्ष बाद गिरफ्तार कर लिया गया। ₹1-1 लाख के इनाम घोषित दोनों वांछित अभियुक्तों को एसटीएफ लखनऊ और सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस के अनुसार 18 अगस्त 2016 को जिला कारागार आजमगढ़ से तीन विचाराधीन बंदी फरार हो गए थे। इस मामले में थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई थी। आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद अभियुक्त लगातार फरार चल रहे थे, जिस पर शासन द्वारा दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
17 जून 2026 को एसटीएफ लखनऊ एवं थाना सिधारी की संयुक्त टीम ने सटीक सूचना के आधार पर चन्द्रशेखर उर्फ शेखर पुत्र स्व. लालजी मुसहर तथा प्रकाश मुसहर पुत्र बुद्धन मुसहर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे वर्ष 2016 में अपने एक साथी के साथ जेल से फरार हुए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहते रहे। पिछले कई वर्षों से पंजाब में मजदूरी और खेती का कार्य कर रहे थे। हाल ही में वे गाजीपुर जाने के उद्देश्य से आजमगढ़ आए थे, जहां पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में चन्द्रशेखर उर्फ शेखर उम्र 37 वर्ष मूल रूप से वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के लस्करपुर गांव का निवासी है, जबकि प्रकाश मुसहर उम्र 52 वर्ष गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र स्थित दुर्खुसी गांव का रहने वाला है।
इस सफलता में एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक आशुतोष कुमार त्रिपाठी, निरीक्षक ओम शंकर शुक्ला सहित अन्य पुलिसकर्मियों तथा थाना सिधारी के निरीक्षक शशिचन्द्र चौधरी, उपनिरीक्षक जावेद सिद्दीकी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
