मेले में झूला संचालक के कर्मचारी पर हमला, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

मेले में झूला संचालक के कर्मचारी पर हमला, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

आजमगढ़ जनपद के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित रूप से जातिसूचक गालियां देने, मारपीट करने और मोबाइल फोन गायब होने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन घटना के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अक्षयवट गांव निवासी रमेश पुत्र स्वर्गीय नन्दलाल राम ने कोतवाली महराजगंज में दी गई शिकायत में बताया कि वह भैख बाबा स्थान मेले में वसीम अहमद के यहां झूला संचालन का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। झूला संचालन के लिए वसीम अहमद ने गांव के ही सनोज कुमार पुत्र रमेश राम को काम पर रखा था।

शिकायत के अनुसार, 7 जून 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे विपिन निषाद पुत्र गिरिश निषाद, सुनील पुत्र गिरिश निषाद निवासी उमुरकुढ़वा तथा उनके साथ आए चार अज्ञात लोग मेले में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने सनोज कुमार को गालियां देना शुरू कर दिया तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और ईंटों से हमला कर सनोज को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मारपीट में उसके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान उसका मोबाइल फोन भी गायब हो गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर एससी-एसटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस शीघ्र कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *