महोबा दलित छात्रा कांड पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, अजय राय के समर्थन में प्रेसवार्ता

महोबा दलित छात्रा कांड पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, अजय राय के समर्थन में प्रेसवार्ता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट में महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपना रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मा० श्री अजय राय के महोबा जाकर पीड़िता के परिवार से मिलने को लेकर भाजपा और सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़िता के घर नहीं पहुंचा, तब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष स्वयं पीड़िता का दुख साझा करने पहुंचे। प्रेसनोट में कहा गया कि महोबा की दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दुष्कर्म सहित अमानवीय व्यवहार किया गया, लेकिन सरकार ने संवेदना दिखाने के बजाय विपक्ष को रोकने का प्रयास किया।

कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डॉ० सी०पी० राय ने आरोप लगाया कि जब श्री अजय राय पीड़िता के घर जा रहे थे, तब उन्हें रोकने की हरसंभव कोशिश की गई। बावजूद इसके वह पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस मानवीय कदम से भाजपा सरकार बौखला गई और पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन कराए जाने लगे। इतना ही नहीं, सरकार के मंत्री और विधायक भी खुले तौर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के विरोध में उतर आए।

डॉ० सी०पी० राय ने भाजपा नेताओं द्वारा अजय राय की संपत्ति की जांच की मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका चरित्र और कार्यशैली किसी खुली किताब की तरह है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार और उसके मंत्री कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं।

प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आगरा नगर निगम द्वारा निजी बिजली कंपनी टोरेंट का 430 करोड़ रुपये माफ किए जाने का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है और बदले में राजनीतिक लाभ ले रही है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि “काम लो, चंदा दो” की नीति भाजपा सरकार की पहचान बन चुकी है और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

डॉ० सी०पी० राय ने कहा कि यदि सरकार में वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है तो उसे अपने मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति की भी जांच करानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। मिड डे मील, मनरेगा, सड़क निर्माण, अस्पतालों की दवाइयों और अयोध्या विकास परियोजनाओं तक में भ्रष्टाचार व्याप्त है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विचारधारा के सिपाही हैं और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता तथा सुचिता के पक्षधर हैं। कांग्रेस किसी भी जांच से डरने वाली नहीं है, लेकिन जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और भाजपा सरकार के मंत्रियों व विधायकों की भी समान रूप से जांच की जानी चाहिए।

प्रेसनोट के अंत में कांग्रेस ने महोबा की पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की तथा प्रदेश सरकार पर दलितों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया।

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