बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपने बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित चंद्रभान राम ने बुधवार, 21 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच किया जाना आवश्यक है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, चंद्रभान राम का करीब 25 वर्षीय बेटा दीपक कुमार एक युवती से बातचीत करता था। दोनों के बीच विवाह की बात चल रही थी। पीड़ित का कहना है कि 15 अक्टूबर 2026 को शाम करीब चार बजे दीपक ने घरवालों को बताया कि वह कोचिंग पढ़ाने जा रहा है। उसी दिन रात करीब आठ बजे उसने फोन कर जानकारी दी कि वह रात में घर नहीं आएगा और अगले दिन सुबह वापस लौटेगा।
चंद्रभान राम के मुताबिक, अगले दिन उन्हें सूचना मिली कि उनके बेटे दीपक कुमार का शव युवती के घर पर पड़ा हुआ है। इस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पीड़ित ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए युवती और उसके कथित प्रेमी सुमित पुत्र जयप्रकाश निवासी कनेहुआ, थाना मेहनगर पर संलिप्तता का आरोप लगाया है।
प्रार्थना पत्र में चंद्रभान राम ने बताया कि इस मामले में युवती और सुमित की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से उपलब्ध नहीं है।
पीड़ित ने अमन पुत्र भागमल समेत कुछ अन्य लोगों की कथित संलिप्तता की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि सभी संदिग्धों की भूमिका की गहनता से जांच कराई जाए और साक्ष्य मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
चंद्रभान राम ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने से घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकेंगे और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल, अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
