सुल्तानपुर: नाबालिग अपहरण मामले में ग्राम प्रधान समेत 7 पर एफआईआर, कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित अपहरण मामले में पुलिस ने अदालत के आदेश पर ग्राम प्रधान समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि नामजद लोगों ने आपसी साजिश कर उसकी बेटी को देर रात घर से भगा लिया। महिला ने 22 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और अगले दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सीओ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
महिला का आरोप है कि लंभुआ थाने में शिकायत के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने बेटी का जन्म प्रमाण पत्र मांगा, लेकिन दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पुलिस ने लड़की के बरामद होने की सूचना दी, लेकिन आरोप है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़िता की मां ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सुल्तानपुर की अदालत का सहारा लिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद लंभुआ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
मामले में मनजीत कुमार, अरुण कुमार उर्फ शंकर चौरसिया, बलराम, रामलौट, गुड़िया, मालती और सहिनवा गांव निवासी ग्राम प्रधान वेद प्रकाश उर्फ गुड्डू को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने नाबालिग का चिकित्सीय परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले की जांच उपनिरीक्षक आद्या प्रसाद तिवारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
