मंदिरों में प्रसाद दुकानों की जांच, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
आजमगढ़। सावन मास को देखते हुए जिले के मंदिरों में प्रसाद वितरण व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ के माध्यम से भेजा गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जनपद के सभी प्रमुख मंदिरों में प्रसाद की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक रूप से लगाई जाए। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों को प्रशासनिक कार्यालय से जोड़ने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर निगरानी रखी जा सके।
ज्ञापन देने वालों ने यह भी मांग की है कि जिले में हिंदू देवी-देवताओं के नाम से संचालित दुकानों की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि कोई दुकान गलत तरीके से धार्मिक नामों का प्रयोग कर संचालित हो रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिससे धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा बनी रहे और श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित प्रसाद मिल सके।
इसके अलावा रोड किनारे संचालित हो रही मुर्गा, मीट और मछली की दुकानों को हटाने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में प्रशासन से सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन 29 जुलाई 2026 को सौंपा गया। इसमें छलघर देव, शिवकुमार भोपा, हरिबंश मिश्र, वाजेश चौबे सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन देने वालों में भारतीय जनता पार्टी आजमगढ़ के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष हरिबंश मिश्र का नाम भी शामिल है।
