आजमगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश, दो मुठभेड़ों में 4 गिरफ्तार, 3 भैंसें बरामद
आजमगढ़ जिले की बरदह और दीदारगंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी की तीन भैंसें, एक पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, कारतूस और ₹7,000 नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से पशु चोरी के पांच मामलों का खुलासा हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 27/28 जुलाई की रात थाना दीदारगंज पुलिस ने शारदा नहर स्थित सुघरपुर पुलिया के पास घेराबंदी की। बिना नंबर प्लेट की पिकअप को रोकने का प्रयास करने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में राशिद पुत्र महबूदिल जनपद अंबेडकर नगर घायल हो गया, जबकि अशफाक उर्फ मोनू निवासी अहरौला को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी उमर अली उर्फ नन्हकू अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। मौके से एक देशी तमंचा, कारतूस, पिकअप वाहन और आरोपी की निशानदेही पर चोरी की एक भैंस बरामद हुई।
इसी क्रम में थाना बरदह पुलिस ने ग्राम कोदहरा के पास पशु चोरी करने आए बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस पर फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में फिरोज पुत्र खदेरु अंबेडकर नगर घायल हो गया तथा जुबैर पुत्र शोएब निवासी गम्भीरपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य आरोपी रिंकू यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने एक तमंचा, कारतूस, ₹7,000 नकद, एक मोटरसाइकिल तथा जुबैर की निशानदेही पर चोरी की दो भैंसें बरामद कीं।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों में पहले रेकी करते थे और रात के समय भैंसों की चोरी कर उन्हें व्यापारियों के माध्यम से बेच देते थे। आरोपियों ने बरदह, दीदारगंज, महाराजगंज और कप्तानगंज थाना क्षेत्रों में हुई कुल पांच पशु चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार दो अभियुक्तों की तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
