आजमगढ़ में विद्यालय पर 50 लोगों के हमले का आरोप, संचालक और परिवार के चार सदस्य घायल; तोड़फोड़ व सामान ले जाने का दावा

बिलरियागंज थाना क्षेत्र में एक विद्यालय पर कथित रूप से 40 से 50 लोगों द्वारा हमला करने, तोड़फोड़ करने और विद्यालय संचालक व उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना 17 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमले में चार लोग घायल हुए हैं। आरोप है कि विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और मोबाइल फोन, माइक व स्पीकर भी ले जाए गए।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, घायल ज्ञानेंद्र यादव, सत्येंद्र यादव, भूपेंद्र यादव और उनके पिता लालचंद्र यादव हैं। ज्ञानेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि जब वह विद्यालय पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके पिता के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। बीच-बचाव करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके हाथ को दांत से काट लिया।
पीड़ितों का कहना है कि हमलावर बोलेरो समेत करीब चार गाड़ियों से विद्यालय पहुंचे थे। उनके साथ लगभग 50 लोग थे, जिनमें से कई की पहचान नहीं हो सकी। आरोप है कि विद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की गई। घटना का मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करने पर उनका मोबाइल भी छीन लिया गया। इसके अलावा विद्यालय का माइक और स्पीकर ले जाने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, विद्यालय की जमीन को लेकर विपक्षी पक्ष से न्यायालय में विवाद चल रहा है। उनका दावा है कि इस मामले में सुलह-समझौता भी हुआ था और फैसला उनके पक्ष में है। आरोप है कि इसी विवाद की रंजिश में विद्यालय पर हमला किया गया।
विद्यालय संचालक पक्ष ने बताया कि घटना से करीब 10 दिन पहले भी उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले से अवगत कराया था। इसके बावजूद 17 अक्टूबर को हमला होने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों का आरोप है कि घटना के संबंध में बिलरियागंज थाने में शिकायत की गई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
फिलहाल, घटना में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामले में पुलिस की कार्रवाई तथा दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
