कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस बनवाने का खुलासा, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस बनवाने का खुलासा, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़। निजामाबाद पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी 32 बोर की एक रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर निवासी मिर्जा अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दर्शाकर उनके नाम पर फर्जी पते और कूटरचित अभिलेख तैयार कराए जाते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस समेत अन्य सरकारी लाभ दिलाए जाने का आरोप है।

जांच में सामने आया कि मुंबई के अंधेरी वेस्ट निवासी मो. इबराक खान पुत्र इमदाद खान के नाम वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते पर शस्त्र लाइसेंस संख्या 315 बटा 2010 जारी हुआ था। पुलिस की जांच में जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल सहित अन्य दस्तावेजों के कूटरचित होने की जानकारी सामने आई।

मामले में थाना निजामाबाद में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए निरीक्षक अपराध जयप्रकाश यादव और उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम मुंबई पहुंची। थाना ओशिवरा पुलिस के सहयोग से 1 अक्टूबर को दबिश देकर इबराक खान को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपी को 2 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांद्रा, मुंबई के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया। इसके बाद 4 अक्टूबर को उसे थाना निजामाबाद लाया गया।

जांच में दो शस्त्र लाइसेंस का मामला सामने आया
जांच के दौरान शाहिद मोहम्मद खान पुत्र मोहम्मद सईद खान, निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई के नाम भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते पर शस्त्र लाइसेंस संख्या 314 बटा 2010 जारी होना पाया गया। पुलिस के मुताबिक, इस लाइसेंस के संबंध में भी कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मोहम्मद इबराक खान और शाहिद मोहम्मद खान के नाम एसआईआर वोटर लिस्ट 2026 में ग्राम मिर्जापुर के पते पर दर्ज हैं, जबकि ग्राम प्रधान की रिपोर्ट, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों में दोनों का गांव का निवासी होना नहीं पाया गया।

पुलिस के अनुसार, जांच में ग्राम मिर्जापुर निवासी मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह बाहरी लोगों को गांव का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने तथा शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में सहयोग करता था। जांच में अयाज बेग, उसकी पत्नी, पुत्र और भाइयों सहित परिवार से जुड़े कुल आठ शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस अब मामले में सामने आए अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *