कालनेमी बयान पर ओमप्रकाश राजभर का पलटवार— बोले, संविधान से चलती है सरकार, योगी जी सही कर रहे हैं
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर धर्म और राजनीति को लेकर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए बयान और “कालनेमी” शब्द के इस्तेमाल पर अब सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस पूरे विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने खुलकर अपनी बात रखी है।
ओमप्रकाश राजभर से जब यह पूछा गया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
कालनेमी किसे कहा गया, कौन है कालनेमी…ये योगी आदित्यनाथ बताएं.

जिस पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना था कि रामायण सीरियल में हम लोगों ने देखा तो लक्ष्मण जी को शक्तिबाण लगा था । लक्ष्मण जी को उनको बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने गए बीच में संजीवनी बूटी नहीं आ पाए इस नाते कालनेमी हनुमान जी को घेरे। हनुमान जी उनकी भी चाल में फसने ही वाले थे लेकिन हनुमान जी समझ गए कि यह कालनेमि नहीं बल्कि किसी के द्वारा भेजा गया अवरोध है तो हनुमान जी ने उसकी दवाई कर दी और गए तथा संजीवनी बूटी ले आए और लक्ष्मण जी का प्राण बचाए
वहीं दूसरी तरफ यह पूछे जाने पर कि सीएम योगी के पास 40 दिन का समय है,गाय को राज्य माता घोषित करने और गोमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा यूपी सरकार नही करती तो 10-11 मार्च को लखनऊ में संत समागम में सीएम योगी आदित्यनाथ को नकली हिन्दू घोषित कर देंगे…..
उनका जवाब था क्या वह पूरे साधु संतों के ठेकेदार है नेता है। अगर साधु संतो के नेता होते तो साधु संतों की बात माने होते ना । साधु संत महात्मा अपने के लिए लेकिन अब उनके आदेश का पालन यहां देश संविधान से चल रहा है प्रदेश की सरकार संविधान से चल रही है तो संविधान के दायरे में रहकर काम करना पड़ेगा योगी जी बात करेंगे।योगी जी जो कर रहे हैं वह बहुत सही कर रहे हैं
बाद में यह पूछे जाने पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान,1966 वाली स्थिति बन गई है, तब की सरकार ने करपात्री जी महाराज को परेशान किया जबकि आज सीएम योगी और उनके खास राम भद्रा चार्य मेरे ख़िलाफ योजना बना रहे हैं और परेशान कर रहे हैं….
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना था कि
कोई किसी को कहीं परेशान नहीं कर रहा है संविधान में कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो कानून के साथ काम करेगा यही है प्रदेश का माहौल। आज कम से कम इतना तो योगी जी के राज्य में है आजमगढ़ में खड़े हैं जहां दंगे होते थे कर्फ्यू लगते थे । पूरे प्रदेश का इतिहास था आज 9 साल लगभग पूरा होने जा रहा है कहीं प्रदेश में 75 जिले में कहीं दंगा हुआ कहीं कर्फ्यू लगा प्रदेश में दंगा एवं कर्फ्यू से मुक्ति मिली ।आज अगर कोई अपराधी अपराध करने की भी हिम्मत करता है,अगर वह कहीं छिटपुट घटना करता है 48 घंटे के अंदर पुलिस उसकी चालकों में पहुंचा दे रही है और उसको भी बाबा का बुलडोजर का डर सताता है।
