राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने मोबाइल कोर्ट में सुनीं 103 दिव्यांगजनों की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने मोबाइल कोर्ट में सुनीं 103 दिव्यांगजनों की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

राज्य आयुक्त दिव्यांगजन उ0प्र0, हिमॉशु शेखर झा की अध्यक्षता में सर्किट हाउस, सभागार, आजमगढ़ में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की मूल भावना के अनुसार सुदूरवर्ती पिछड़े क्षेत्रों/ग्रामीण इलाकों के लोगों जो कि सरकार द्वारा उनके अधिकार एवं सुविधाओं हेतु चलाई जा रही योजनाओं/परियोजनाओं से जागरूक नहीं है, के मध्य जागरूकता बढ़ाने के लिए और समाज में उनके साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त कराने तथा पूर्ण एवं प्रभावी भागीदारी दिलाए जाने एवं इस सम्बन्ध में उनकी शिकायतों/समस्याओं को त्वरित रूप से स्थानीय स्तर पर निस्तारित कराए जाने के उद्देश्य से जनपद आजमगढ़ में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया।

मोबाइल कोर्ट के दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, कृत्रिम अंग सहायक उपकरण एवं दिव्यांग पेंशन से सम्बन्धित कुल 103 दिव्यांगजनों द्वारा अपनी-अपनी समस्याओं को अवगत कराया गया। दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनी एवं उनके सुझाव लिए और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। राज्य आयुक्त ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत मिलने वाले अधिकारों एवं सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांग बच्चों को समेकित वातावरण में निःशुल्क शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों एवं रोजगार में आरक्षण, गरीबी उन्मूलन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आरक्षण सहित विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती है। उन्होंने दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव रोकने और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप मोबाईल कोर्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि लम्बित दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के निस्तारण के लिए विशेष शिविर लगाए जाए तथा जिन पात्र व्यक्तियों को पंजीकरण हो चुका है, उन्हें एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए। राज्य आयुक्त ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनने और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तहसील दिवस पर भी दिव्यांगजनों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश दिए।

मोबाईल कोर्ट के दौरान कुल 103 लोगों का पंजीकरण किया गया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र हेतु 16 दिव्यांगजनों का पंजीकरण हुआ था, जिसमें से 04 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाये गये एवं 02 सी0आर0सी0 गोरखपुर को अग्रसारित किये गये है। जिला पूर्ति विभाग से 10 राशन कार्ड जारी कराये गये। आवास एवं शौचालय जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान कई दिव्यांगजनों ने ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर राज्य आयुक्त ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ट्राईसाइकिल एवं व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शान्त प्रकाश श्रीवास्तव ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र दिव्यांगजनों को प्रत्येक तीन माह पर दिव्यांग पेंशन का लाभ दिया जाता है। इसके लिए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता तथा मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, एल0डी0एम0, सम्भागीय परिवहन अधिकरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक, उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, आजमगढ़ मण्डल, आजमगढ़ तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इत्यादि उपस्थित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *