घाघरा का बढ़ता खतरा: डीएम-एसएसपी ने कटान स्थल का किया निरीक्षण, राहत शिविरों में जाने की अपील
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान को देखते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने गुरुवार को तहसील सगड़ी के ग्राम आराजी गंगापुर स्थित कटान प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने हालात का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से सुरक्षात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि जहां आवश्यकता हो वहां पर्कुपाइन लगाए जाएं तथा उनके भीतर बालू से भरे बोरे व्यवस्थित ढंग से डाले जाएं। साथ ही सभी बालू के बोरों को तार से मजबूती से बांधने के निर्देश दिए, ताकि तेज बहाव में वे अपनी जगह से न हटें और कटान रोकने में प्रभावी साबित हों।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि लगातार हो रहे कटान से गांव और कृषि भूमि पर खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने पर लोग शिवपुर, सहदेवगंज और बांध पर बने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने लोगों से प्रशासन के अलर्ट मिलते ही राहत शिविरों और शरणालयों में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे न जाए, बच्चों को भी नदी से दूर रखें और नदी में स्नान करने का प्रयास न करें। प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ और नदी कटान प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभागों को राहत सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पशु चिकित्सा, विद्युत आपूर्ति समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए लोगों को समय-समय पर आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सगड़ी, खंड विकास अधिकारी महराजगंज, सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
