मोहर्रम के जुलूस में गूंजा इंसानियत, हक और इंसाफ का पैगाम
रीना वर्मा
कन्नौज। नगर गुरसहायगंज में मोहर्रम के अवसर पर निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान प्रसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुनीर कुरैशी ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन का जीवन पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन ने अन्याय और जुल्म के सामने कभी सिर नहीं झुकाया तथा यह संदेश दिया कि किसी जालिम या भ्रष्ट शासक की सत्ता को स्वीकार करने से बेहतर है हक और इंसाफ की राह में अपनी जान कुर्बान कर देना।
मुनीर कुरैशी ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन का संदेश किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए है। उन्होंने सब्र, भाईचारे, प्रेम और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कर्बला की ऐतिहासिक घटना हमें सिखाती है कि अपने सिद्धांतों और मूल्यों की रक्षा के लिए सबसे बड़ा त्याग भी छोटा होता है। विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और न्याय का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
इस अवसर पर फैज़ान कुरैशी, अमन, दिलशाद, हिप्पी फारूखी, लालमियां, शकील फारूखी, मुन्ना, सूफी कमर, तालिब, ज़ियाउल हसन, अय्यूब, मुशीर फारूखी, अरशद, सलमान कुरैशी, छोटे अली सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मोहर्रम के जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने हज़रत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
