रूस कमाने गए युवक का ढाई साल बाद घर पहुंचा सामान और टोपी, परिजनों में मचा कोहराम, जनवरी 2024 में रोजी-रोटी की तलाश में रूस गया था युवक, दो माह बाद ही टूट गया था संपर्क; सामान देखते ही बिलख उठा परिवार
आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के टड़ियाखान गांव में शनिवार को उस समय मातम पसर गया, जब करीब ढाई साल पहले रूस कमाने गए युवक का सामान और उसकी टोपी घर पहुंची। सामान देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, टड़ियाखान गांव निवासी धीरेन्द्र उम्र 42 वर्ष पुत्र मूलचंद जनवरी 2024 में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और रोजी-रोटी कमाने के उद्देश्य से रूस गया था। विदेश पहुंचने के बाद करीब दो माह तक उसकी परिजनों से फोन पर बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद अचानक संपर्क पूरी तरह टूट गया। न तो उसने घर पैसे भेजे और न ही वह वापस लौट सका।
शनिवार को उसका सामान और टोपी गांव स्थित उसके घर पहुंची। जैसे ही परिजनों ने सामान देखा, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस घटना से पूरे गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
धीरेन्द्र अपने दो भाइयों में बड़ा है। परिवार में उनके अपाहिज पिता मूलचंद, पत्नी शशिकला, दो पुत्र, दो पुत्रियां तथा छोटा भाई देवेन्द्र, जो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है, मौजूद हैं। परिवार के सामने अब आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का संकट गहरा गया है।
परिजन अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं और संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी तथा हरसंभव सहायता की मांग कर रहे हैं।
