आजमगढ़: नीट पेपर लीक मामले को लेकर नागरिक मंच ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा मांगपत्र, एनटीए भंग और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
आजमगढ़। नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आजमगढ़ के नागरिक मंच ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। मंच ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मांगपत्र में नागरिक मंच ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मंच ने आरोप लगाया कि नीट, जेईई, क्यूट और नेट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों में निराशा बढ़ रही है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
ज्ञापन में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल का भी उल्लेख किया गया। मंच ने दावा किया कि कई छात्र लंबे समय से अनशन पर हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति खराब हो रही है। आजमगढ़ निवासी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र तथा आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार के भी भूख हड़ताल में शामिल होने की बात कही गई।
नागरिक मंच ने मांग की कि सभी पेपर लीक मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन देने वालों में नागरिक मंच आजमगढ़ के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने राष्ट्रपति से छात्रों के हित में हस्तक्षेप कर आंदोलनकारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
आजमगढ़। नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आजमगढ़ के नागरिक मंच ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। मंच ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मांगपत्र में नागरिक मंच ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मंच ने आरोप लगाया कि नीट, जेईई, क्यूट और नेट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों में निराशा बढ़ रही है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
ज्ञापन में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल का भी उल्लेख किया गया। मंच ने दावा किया कि कई छात्र लंबे समय से अनशन पर हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति खराब हो रही है। आजमगढ़ निवासी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र तथा आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार के भी भूख हड़ताल में शामिल होने की बात कही गई।
नागरिक मंच ने मांग की कि सभी पेपर लीक मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन देने वालों में नागरिक मंच आजमगढ़ के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने राष्ट्रपति से छात्रों के हित में हस्तक्षेप कर आंदोलनकारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
