आजमगढ़ में भागीदारी पार्टी का सपा पर हमला, डॉ. महेश चंद्र प्रजापति बोले- “जो सपा के साथ सटेगा, वह कटेगा”, 2027 के विधानसभा चुनाव में 25 सीट से ज्यादा नहीं जीतेगी सपा
आजमगढ़ : भागीदारी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. महेश चंद्र प्रजापति ने गुरुवार को आजमगढ़ के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आगामी 12 जुलाई को मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र के सठियांव स्थित जनता नर्सिंग होम के सामने महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम चंद्र प्रजापति करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर होंगे।
डॉ. प्रजापति ने कहा कि महाराजा दक्ष प्रजापति सृष्टि के प्रथम राजा और ब्रह्मा के सातवें मानस पुत्र थे। उन्होंने आरोप लगाया कि समय के साथ उनके वंशजों को सामाजिक रूप से हाशिये पर पहुंचा दिया गया। उन्होंने कहा कि भागीदारी पार्टी का उद्देश्य प्रजापति समाज को उसका खोया हुआ सम्मान और राजनीतिक भागीदारी दिलाना है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर प्रजापति समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटों पर प्रजापति समाज का प्रभावी वोट बैंक होने के बावजूद उसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उनका दावा था कि अब बड़ी संख्या में प्रजापति समाज भागीदारी पार्टी के साथ जुड़ चुका है।
डॉ. प्रजापति ने कहा, “आजमगढ़ में जो सपा के साथ सटेगा, वह कटेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि अति पिछड़े और अति दलित समाज, विशेषकर कुम्हार समाज, के साथ सबसे अधिक उत्पीड़न समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डॉ. प्रजापति ने कांग्रेस, बसपा और समाजवादी पार्टी पर भी अति पिछड़े और दलित समाज को झूठे वादों से भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी दल को भागीदारी पार्टी की आवश्यकता नहीं होगी तो पूर्वांचल की लगभग 125 विधानसभा सीटों पर पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि भागीदारी पार्टी आगामी चुनावों में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेगी और समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
