माता-पिता के संस्कारों को नमन, ‘अरुण-शशि आत्म मिलन दिवस’ पर भावुक हुए असीम अरुण

माता-पिता के संस्कारों को नमन, ‘अरुण-शशि आत्म मिलन दिवस’ पर भावुक हुए असीम अरुण

कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के खैरनगर स्थित नॉर्थ स्टार विद्यालय परिसर में गुरुवार को ‘अरुण–शशि आत्म मिलन दिवस’ के अवसर पर भावपूर्ण पारिवारिक स्मृति समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अपने पिता पूर्व डीजीपी स्वर्गीय श्रीराम अरुण एवं माता स्वर्गीय शशि अरुण की पावन स्मृति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता के व्यक्तित्व, उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि 2 जुलाई उनके परिवार के लिए अत्यंत भावनात्मक दिन है। इसी दिन उनके पिता स्वर्गीय श्रीराम अरुण का जन्मदिवस होता है और संयोग से इसी तिथि को उनकी माता स्वर्गीय शशि अरुण का निधन हुआ था। इसलिए यह दिन उनके लिए श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता केवल परिवार की नींव नहीं होते, बल्कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। उनके माता-पिता ने हमेशा ईमानदारी, सेवा, अनुशासन, शिक्षा और सामाजिक दायित्वों को सर्वोच्च स्थान दिया और उन्हीं मूल्यों को आत्मसात कर उन्होंने अपना जीवन आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि नॉर्थ स्टार विद्यालय उनके माता-पिता का सपना था। उनका उद्देश्य था कि ग्रामीण एवं सामान्य परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिले। आज विद्यालय उसी सोच और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है तथा शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय उनके माता-पिता के सेवा और समर्पण के भाव को जीवंत बनाए हुए है।
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने भी आहुति देकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। समारोह का वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय श्रीराम अरुण और शशि अरुण के समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समारोह में विद्यालय परिवार, परिजन, शुभचिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत दंपती के आदर्शों को आत्मसात करने तथा शिक्षा और सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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