चुनाव खत्म,पेट्रोल-डीजल महंगा: आम आदमी पर बढ़ा महंगाई का बोझ
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है। पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने और नई सरकार के गठन के बाद शुक्रवार सुबह छह बजे से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। इस फैसले ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश के कई शहरों की तरह आजमगढ़ में भी पेट्रोल और डीजल महंगा होने से लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 3.14 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 98.28 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल भी 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी को इसकी वजह बताया है।
रसोई गैस, सीएनजी और दूध की कीमतों में पहले से हो चुकी बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। इसका असर माल ढुलाई, बस किराया और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका लोगों को पहले से होने लगी थी। बीते कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की अपील किए जाने के बाद लोगों को अंदेशा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब भारतीय बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है।
आजमगढ़ में गुरुवार को ही तेल की कीमतों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कमी देखी गई। जिन पंपों पर तेल उपलब्ध था वहां भारी भीड़ लगी रही। शुक्रवार को नई दरें लागू होने के बाद पेट्रोल पंपों पर पहुंचे लोगों ने सरकार पर चुनाव खत्म होते ही महंगाई का बोझ डालने का आरोप लगाया।
कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन महंगा हुआ है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है। हालांकि उनका मानना है कि इससे महंगाई और तेज होगी और आम जनता की मुश्किलें बढ़ेंगी।
