प्रसूता की जबरन छुट्टी करने को लेकर परिजनों का तिर्वा मेडिकल कॉलेज में हंगामा
कन्नौज। तिर्वा मेडिकल कॉलेज में एक प्रसूता का प्रसव होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 72 घंटे बाद छुट्टी दे दी।
परिजनों का कहना था कि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रसूता की हालत खराब होने के बाद भी समय से पहले ही छुट्टी दे दी। मेडिकल प्रशासन की इस कार्यवाही पर परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा भी काटा।
जानकारी के मुताबिक, मामला जिले के तिर्वा मेडिकल कॉलेज का है। यहां बीते तीन दिन पूर्व जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र के मदई नगला गांव निवासी योगेश कुमार ने अपनी पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा होने के कारण तिर्वा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर उसे मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में भर्ती किया गया। यहां महिला के प्रसव की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
प्रसव होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रसाशन ने सविता की छुट्टी कर दी। मौके पर मौजूद परिजनों को जब महिला की छुट्टी किए जाने का पता चला तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर जबरिया छुट्टी का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी पर मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और अन्य मेडिकल कर्मियों ने मामला शांत किया।
वहीं मामले में प्रसूता के परिजन के मुताबिक सविता की हालत प्रसव के बाद ठीक नहीं थी। जिस कारण उन्होंने प्रसूता का उपचार जारी रखने और मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखने की बात वार्ड में मौजूद मेडिकल कर्मियों से कही थी। इसके बाद भी मेडिकल प्रशासन द्वारा जबरिया सविता को छुट्टी देकर बाहर कर दिया गया।
मेडिकल कर्मियों द्वारा इस कार्यवाही पर परिजनों ने हंगामा काटना शुरू किया तो स्थित विवादित होती नजर आने लगी। मौके पर मौजूद सुरक्षा सुरक्षा कर्मियों और मेडिकल टीम ने किया प्रकार मामले को शांत किया। वहीं मामले में परिजनों का यह भी आरोप था कि, मेडिकल प्रशासन द्वारा सविता की हालत खराब होने के बाद भी उसकी जबरिया छुट्टी की गई, इसके अलावा मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड द्वारा अभद्रता भी की गई। पीड़ित परिजनों ने कार्यवाही की बात कही है।
मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस दिलीप सिंह का कहना था कि, मामला संज्ञान में आया है। प्रसूता का सकुशल प्रसव संपन्न कराया गया था, इसके बाद 72 घंटे रखने के बाद हो हालात सामान्य होने के बाद ही प्रसूता को छुट्टी दी गई है। इसके बाद भी परिजन प्रसूता की छुट्टी करवाने को तैयार नहीं थे। इसको लेकर सिपारिस भी कराई गई थी।
जब महिला की हालत सही होने पर छुट्टी दी गई तो परिजनों ने बेवजह हंगामा करना और आरोप प्रत्यारोप करना शुरू कर दिया।
मामले को मेडिकल स्टॉफ द्वारा अव्यवस्था पैदा होते देख मामले को केबल शांत कराया गया था,जिससे अन्यमरीज प्रभावित ना हों। उन्होंने परिजनों द्वारा मेडिकल कर्मियों और सुरक्षा गार्ड पर अभद्रता करने के आरोपों को निराधार बताया है।
सीएमएस ने आगे बताया कि, फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है, अगर कोई दोषी है तो कार्यवाही की जाएगी।
