आजमगढ़ में जमीन की पैमाइश के बाद लगाया गया पत्थर उखाड़ने का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

आजमगढ़ में जमीन की पैमाइश के बाद लगाया गया पत्थर उखाड़ने का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

आजमगढ़। जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के बबुरा व्यवहार डीह गांव में जमीन की पैमाइश के बाद राजस्व विभाग द्वारा लगाए गए स्थायी पत्थर को उखाड़कर फेंकने का मामला सामने आया है। गांव निवासी अलाउद्दीन खान ने दो लोगों पर न्यायालय के आदेश के तहत लगाए गए पत्थर को उखाड़ने और विरोध करने पर मारपीट पर आमादा होने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और दोबारा पत्थर नसब कराने की मांग की है।

जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, बबुरा व्यवहार डीह निवासी अलाउद्दीन खान पुत्र निजामुद्दीन खान की गाटा संख्या 223, रकबा 0.227 हेक्टेयर भूमि की पैमाइश को लेकर धारा 24 राजस्व संहिता, 2006 के तहत वाद दायर किया गया था। इस मामले में उपजिलाधिकारी न्यायिक प्रथम, आजमगढ़ की अदालत ने 1 सितंबर 2026 को स्थायी पत्थर नसब करने का आदेश पारित किया था।

पीड़ित के मुताबिक, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 23 सितंबर 2026 को राजस्व निरीक्षक द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की गई और स्थायी पत्थर नसब कराया गया। आरोप है कि इसके अगले ही दिन 24 सितंबर की सुबह विपक्षी जयनारायण सिंह और राजू सिंह पुत्रगण कल्पनाथ सिंह मौके पर पहुंचे और लगाए गए स्थायी पत्थर को उखाड़कर फेंक दिया।

अलाउद्दीन खान का आरोप है कि जब उन्होंने विपक्षियों को पत्थर उखाड़ने से मना किया तो वे विवाद करने लगे और मारपीट पर आमादा हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने 24 सितंबर को ही जहानागंज थाने में थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की, लेकिन उनके अनुसार पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस से कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने अब 28 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ ही राजस्व निरीक्षक के माध्यम से दोबारा मौके पर स्थायी पत्थर नसब कराने की मांग की है।

पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और जमीन की पैमाइश के बाद स्थापित किए गए पत्थर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। फिलहाल, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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