आजमगढ़ से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट

आजमगढ़ से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दस माह के मासूम बच्चे को जबरन छीन लेने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

मामला थाना रौनापार क्षेत्र के ग्राम बनहरा, चांदपट्टी की रहने वाली सरोज यादव से जुड़ा है। प्रार्थिनी के अनुसार वर्ष 2023 में वह आजमगढ़ स्थित मॉ प्रभावती देवी महिला महाविद्यालय में परीक्षा देने गई थीं। उसी दौरान उनकी मुलाकात मुबारकपुर थाने में तैनात सिपाही कृष्ण चंद गुप्ता से हुई। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। युवती का आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर 16 नवंबर 2023 को नोटरी के माध्यम से कोर्ट मैरिज की गई। इसके बाद 26 मई 2024 को मुबारकपुर स्थित ताज पैलेस में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ।

शादी के बाद वह अपने पति के पैतृक घर जनपद बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित गांव मेंहमौनी पहुंची। वहां सास, ससुर, जेठ और जेठानी द्वारा जातिगत ताने देकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया। पीड़िता के अनुसार, जब उसने यह बात अपने पति को बताई तो वह उसे मुबारकपुर रोडवेज के पास किराये के कमरे में लेकर रहने लगा।

कुछ माह बाद वह गर्भवती हुईं। आरोप है कि पति ने गर्भपात कराने का दबाव बनाया। विरोध करने पर मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर दी गई। पीड़िता का कहना है कि पहले भी थाने में शिकायत दी गई थी, जहां सुलह-समझौता कराया गया लेकिन कोई लिखित कार्रवाई नहीं हुई।

बच्चे के जन्म के बाद भी विवाद बढ़ता गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सास ने बच्चे की वैधता पर सवाल उठाते हुए उसे ताना दिया और पति को उकसाया। इसके बाद मारपीट की घटनाएं हुईं। अंततः दस माह के बच्चे को उससे छीनकर उसे घर से निकाल दिया गया।

पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके बच्चे को उसे तत्काल दिलाया जाए और पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। पीड़िता न्याय की आस में अधिकारियों के दरवाजे पर गुहार लगा रही है।

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