कन्नौज में मां जहारा देवी के चौथे मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा

कन्नौज में मां जहारा देवी के चौथे मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा

कन्नौज। तालग्राम क्षेत्र के रोहली स्थित मां जहारा देवी के दरबार में भादों मास के चौथे शनिवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। सुबह मंदिर के पट खुलते ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी और दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेककर अनाज चढ़ाया और अखंड ज्योति पर घी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेला परिसर में करीब पांच हजार पैकेट अनाज चढ़ाए जाने की बात सामने आई। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया।

गुजरात-राजस्थान समेत कई राज्यों से पहुंचे भक्त

मेले में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। गुजरात और राजस्थान से आए लोगों ने पशुओं के लिए घुंघरू, झालर और घंटियों की खरीदारी की। वहीं लकड़ी की दुकानों पर गृहस्थी के सामान, बेलन, पट्टा, खटिया, पाया, मूसर, बैलों के जुआ और हल आदि की बिक्री हुई।

मेले में बनाए गए खोया-पाया शिविर के जरिए बिछड़े लोगों को माइक से सूचना देकर उनके परिजनों से मिलाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध रहीं।

चढ़ावे में नेपाली मुद्रा मिलने की चर्चा

मेला प्रभारी के अनुसार विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे। चढ़ावे में नेपाली मुद्रा के नोट मिलने की भी चर्चा रही। हालांकि, इससे नेपाल से श्रद्धालुओं के आने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी। देर रात तक चढ़ावे की गिनती जारी रही।

चार थानों की पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था

थाना तालग्राम प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय के मुताबिक मेले में चार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। मंदिर परिसर आने-जाने वाले मार्गों पर की गई बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान तहसीलदार गिरीशचंद्र, नायब तहसीलदार रामप्रकाश, मेला प्रभारी अवनेंद्र सिंह और सह मेला प्रभारी ध्रुवकुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पेयजल व्यवस्था को लेकर श्रद्धालु परेशान

भव्य मेले के बीच पेयजल संकट श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बना रहा। दूर-दराज से आए कई लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिला और उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा। श्रद्धालुओं ने बताया कि पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें काफी दिक्कत हुई।

बताया गया कि लो-वोल्टेज की समस्या के कारण मंदिर परिसर में लगी पानी की टंकी नहीं भर सकी, जिसके चलते पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई। कई श्रद्धालुओं को बिना पर्याप्त पानी के ही वापस लौटना पड़ा।

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