सदियों से अडिग आस्था का प्रतीक श्री इंद्रेश्वरनाथ धाम, सावन में उमड़ रहा शिवभक्तों का सैलाब

सदियों से अडिग आस्था का प्रतीक श्री इंद्रेश्वरनाथ धाम, सावन में उमड़ रहा शिवभक्तों का सैलाब
रीना वर्मा

कन्नौज। ठठिया कस्बा में स्थित प्राचीन श्री इंद्रेश्वरनाथ मंदिर सदियों से शिवभक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त मंदिर में रुद्राभिषेक, भंडारा, शिवपुराण कथा, कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन कराते हैं। सावन माह में पूरे महीने मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है। आरती, शिवपुराण कथा, वेद मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्य जवाबी कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है।
इतिहास के पन्नों में समृद्ध नगर के रूप में पहचान रखने वाले ठठिया में स्थित यह मंदिर अपनी प्राचीनता और भव्यता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार ठठिया के तत्कालीन नरेश राजा पोहकर सिंह के पूर्वजों ने वर्ष 1757 ई. के आसपास इस शिव मंदिर का निर्माण कराया था। मुगलकाल और अंग्रेजी शासन के दौरान भी यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंदिर के गर्भगृह में पीतल के छत्र के नीचे विराजमान भगवान भोलेनाथ के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं। मंदिर परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के कई छोटे-छोटे मंदिर भी स्थापित हैं, जहां श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं ठठिया ग्राम पंचायत के प्रधान पति निरंकार अग्निहोत्री ने बताया कि मंदिर की देखरेख, साफ-सफाई और समय-समय पर मरम्मत का कार्य श्रद्धालुओं के चढ़ावे तथा समिति के सहयोग से कराया जाता है। मंदिर के पुजारी महेश चंद्र पाठक नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करते हैं। कई श्रद्धालु स्वयं भी मंदिर और परिसर के जीर्णोद्धार में आर्थिक सहयोग देते हैं।
सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। प्रत्येक सोमवार को मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात रहता है तथा भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सकें। धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से समृद्ध श्री इंद्रेश्वरनाथ मंदिर आज भी क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *