डॉ0 अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ द्वारा अपराध व अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के निर्देश के क्रम में वादी मैनुद्दीन पुत्र स्वर्गीय अब्दुल गफ्फार के तहरीर पर थाना मुबारकपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए सम्पत्ति कुर्की हेतु माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आजमगढ़ के यहां रिपोर्ट प्रेषित की गयी थी ।
थाना मुबारकपुर जनपद आज़मगढ़ के उपनिरीक्षक धर्मराज यादव द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि से क्रय की गई भूमि को कुर्क किए जाने का आदेश पारित किया गया था।
प्रकरण के अनुसार अभियुक्तगण अमान अहमद पुत्र शहवान एवं फरहाना बानो पत्नी अमान अहमद, निवासी ग्राम करमैनी, थाना बिलरियागंज, जनपद आज़मगढ़ द्वारा पीड़ित मैनुद्दीन पुत्र स्वर्गीय अब्दुल गफ्फार से धोखाधड़ी करते हुए कुल छत्तीस लाख रुपये प्राप्त किए गए, जिसमें से 16 लाख आरटीजीएस के माध्यम से एवं शेष धनराशि नगद प्राप्त की गई।

धोखाधड़ी से प्राप्त उक्त धनराशि से अभियुक्तों द्वारा 04 फरवरी .2022 को ग्राम चांदपट्टी, परगना व तहसील सगड़ी, थाना रौनापार, जनपद आज़मगढ़ में स्थित भूमि क्रय की गई। माननीय न्यायालय द्वारा पत्रावली में उपलब्ध बैनामा, बैंक अभिलेख, लेखपाल रिपोर्ट एवं अभियोजन के तर्कों का सम्यक परीक्षण करते हुए यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि उपरोक्त भूमि आपराधिक कृत्य से अर्जित धन से क्रय की गई है, जिस पर अभियुक्त का कोई वैध अधिकार नहीं बनता।
उपरोक्त कुल सम्पत्ति का मूल्य लगभग 50 लाख रुपये को अन्तर्गत धारा 107 बीएनएसएस के तहत दिनांक 13 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आजमगढ़ द्वारा पारित आदेश के क्रम में 14 फरवरी 2026 को जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ रविन्द्र कुमार के द्वारा निर्गत कुर्की का आदेश के क्रम में उक्त सम्पति को क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर शशिमौलि पाण्डेय, नायब तहसीलदार सगड़ी व राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम की उपस्थिति में नियमानुसार कुर्क किया गया।

