आजमगढ़ के 200 साल पुराने दक्षिणमुखी काली माता मंदिर में दर्शन को लगी लंबी कतार, पुजारी ने बताई मंदिर की खास मान्यता
आजमगढ़। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आजमगढ़ शहर के चौक स्थित दक्षिणमुखी काली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही माता के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। आपको बता दे की करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर की अपनी अलग धार्मिक पहचान और मान्यता है। मंदिर के पुजारी शरद तिवारी ने बताया की दक्षिण मुखी काली माता का यह मंदिर प्राचीन परंपराओं और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा तांत्रिक विद्या के माध्यम से माता को प्रकट किए जाने की मान्यता है। पुजारी का कहना है कि यहां सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालु माता से अपनी मनोकामना मांगते हैं और भक्तों की मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। पुजारी शरद तिवारी ने यह भी दावा किया कि एशिया में दक्षिण मुखी काली माता के दो प्रमुख मंदिर हैं, जिनमें एक कोलकाता और दूसरा आजमगढ़ के चौक स्थित यह मंदिर है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। मंदिर परिसर में चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखी जा रही है।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भीड़ शहर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रही है। मां के दर्शन के लिए दूर-दराज से भी भक्त पहुंच रहे हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
