खबर छपी तो जागा स्वास्थ्य विभाग, ककरघटा पहुंची टीम; 95 बुखार पीड़ितों के लिए गए खून के नमूने और दवा वितरित

खबर छपी तो जागा स्वास्थ्य विभाग, ककरघटा पहुंची टीम; 95 बुखार पीड़ितों के लिए गए खून के नमूने और दवा वितरित
रीना वर्मा

कन्नौज।ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक लापरवाही के चलते गंदगी और जलभराव अब जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनने लगा है। ककरघटा गांव में नालियों की सफाई न होने से फैले डेंगू और बुखार के प्रकोप को लेकर आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान में प्रकाशित समाचार का स्वास्थ्य विभाग न संज्ञान लिया। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने गांव में डेरा डालकर प्रभावित ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की और नि:शुल्क दवाएं बांटीं। स्वास्थ्य विभाग टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 95 बुखार पीड़ित मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। संदिग्ध और गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज व अग्रिम पैथोलॉजी जांच के लिए ठठिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानांतरित किया गया है।
ककरघटा गांव में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी जमा है। कई घरों के सामने जलभराव होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंदगी और जलभराव के चलते गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। कई लोग अभी भी झोलाछाप चिकित्सकों और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. रोहित सिंह, फार्मासिस्ट मनोज वाजपेयी, लैब टेक्नीशियन अग्रसेन, वार्ड बॉय अमित मिश्रा और अनुपम देवी शामिल रहे। टीम ने गांव में पहुंचकर बुखार से पीड़ित ग्रामीणों की जांच की और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा रहता है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाने, नालियों की सफाई कराने और जमा गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
सिर्फ ककरघटा ही नहीं क्षेत्र के अधिकांश गांवों में नालियों की सफाई व्यवस्था बदहाल होने के कारण जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। बुखार से पीड़ित लोग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा झोलाछाप और निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या दूर कराने और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि बीमारी के बढ़ते प्रकोप पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।

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