आजमगढ़: मंडलीय जिला चिकित्सालय में एक्स-रे को लेकर हुए विवाद के मामले में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई दी है। डॉक्टर ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि उनकी ओपीडी चल रही थी और वह कमरा नंबर 26 में मरीजों को देख रहे थे। उसी दौरान दोपहर करीब 2:10 बजे एक व्यक्ति अपनी बुजुर्ग मां को लेकर उनके केबिन में आया। उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति ने कहा कि वह पर्चा नहीं कटवा सका है और उसकी मां के हाथ में चोट लगी है, क्या डॉक्टर उन्हें देख सकते हैं।

डॉक्टर के अनुसार ओपीडी का समय समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मानवता के नाते बुजुर्ग महिला को देख लिया। जांच के बाद उन्होंने बताया कि हाथ में चोट है और फिलहाल प्लास्टर करवा लिया जाए। साथ ही दवा लिखते हुए कहा कि अगले दिन एक्स-रे करवा लिया जाए ताकि सही स्थिति स्पष्ट हो सके।
डॉ. विनोद कुमार का आरोप है कि यह बात सुनते ही बुजुर्ग महिला का बेटा भड़क गया और बिना एक्स-रे के प्लास्टर करने को लेकर बहस करने लगा। उन्होंने कहा कि जब युवक लगातार बदतमीजी करने लगा तो उसे बाहर जाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा गार्ड को बुलाया गया, जिनके साथ भी उसने अभद्रता की।
डॉक्टर का कहना है कि बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन युवक ने पुलिस से भी ठीक व्यवहार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक शराब के नशे में था और छोटी सी बात को बेवजह बड़ा विवाद बना दिया।

मारपीट के आरोपों को लेकर डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि उन्होंने किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और फुटेज देखने से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि उनका काम मरीजों का इलाज करना है, न कि किसी के साथ विवाद या मारपीट करना। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए
