आजमगढ़ में मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप, एसपी से कार्रवाई की मांग

आजमगढ़ में मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप, एसपी से कार्रवाई की मांग
आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र के कोठरा गांव निवासी चन्द्रभान विश्वकर्मा ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पुरानी रंजिश में घर पर हमला, मारपीट, तोड़फोड़, महिलाओं से बदसलूकी, आभूषण छीनने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मुकदमे में अन्य धाराएं और आरोपियों के नाम बढ़ाकर निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार घटना 16 जून 2026 की रात करीब 8:50 बजे की है। आरोप है कि विरेन्द्र यादव, दिनेश यादव उर्फ बृजेश समेत कई लोग लाठी-डंडे, रॉड, धारदार हथियार और कथित तौर पर कट्टा लेकर चन्द्रभान विश्वकर्मा के घर पहुंचे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर चन्द्रभान के भाई रामप्यारे विश्वकर्मा के साथ मारपीट की। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि हमले में रामप्यारे गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए और उनका हाथ भी टूट गया।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद कई अन्य लोगों के साथ नकाबपोश व्यक्ति भी घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। प्रार्थना पत्र में रवि विश्वकर्मा, अभिषेक, अंकित, इच्छा विश्वकर्मा, शारदा विश्वकर्मा, अमित, ज्ञानती विश्वकर्मा और चन्द्रभान के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। महिलाओं के साथ बदसलूकी और छेड़खानी तथा सोने की चेन और मंगलसूत्र छीनने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक हमलावरों ने घर के दरवाजे, चार पहिया वाहन और करकट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। इसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल रामप्यारे विश्वकर्मा और चन्द्रभान को भर्ती कराया गया। शिकायत में रामप्यारे के सिर में गंभीर चोट लगने और बार-बार बेहोश होने की बात भी कही गई है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद नाम हटाने का आरोप
चन्द्रभान विश्वकर्मा के अनुसार घटना के बाद कोतवाली थाने में एफआईआर संख्या 0323/2026 दर्ज की गई। इसमें धारा 110, 115(2), 352, 351(3) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पुलिसकर्मियों से मिलीभगत कर विरेन्द्र यादव और दिनेश यादव के नाम मुकदमे से हटवा दिए गए और चार्जशीट में भी उनके नाम नहीं रखे गए।

पीड़ित का कहना है कि उसे इस संबंध में जानकारी 8 अगस्त 2026 को हुई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया गया। शिकायत के मुताबिक इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मोबाइल फोन पर भी धमकी दी जा रही है।

मुकदमे में धाराएं बढ़ाने की मांग
चन्द्रभान विश्वकर्मा ने एसपी से मांग की है कि मुकदमा अपराध संख्या 0323/2026 में शिकायत के आधार पर अतिरिक्त धाराएं लगाई जाएं और छूटे हुए आरोपियों को भी विवेचना में शामिल किया जाए। प्रार्थना पत्र में धारा 333, 34, 309, 109 और 324 बीएनएस सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, आजमगढ़ को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष विवेचना के लिए निर्देशित करने की मांग की है। शिकायत के साथ एफआईआर की प्रति, पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र, सत्र परीक्षण से संबंधित दस्तावेज और घायलों की मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य कागजात संलग्न किए जाने का उल्लेख है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और विवेचना के बाद ही आरोपों की वास्तविकता तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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