एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों ने पहले प्रयास में फतह किया NEET, आजमगढ़ का बढ़ाया मान
सफलता किसी पहचान की मोहताज नहीं होती, बस इरादों में दम होना चाहिए। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है आजमगढ़ जिले की मेहनगर तहसील के धीरजीपुर गांव के दो होनहार चचेरे भाइयों ने। एक ही परिवार, एक ही सपना और एक साथ मिली बड़ी सफलता। सिद्धांत यादव और सौरभ यादव ने पहले ही प्रयास में देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET उत्तीर्ण कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे आजमगढ़ जिले का नाम रोशन किया है।
धीरजीपुर गांव निवासी रामबुझ यादव के पुत्र सिद्धांत यादव और रामजनम यादव के पुत्र सौरभ यादव बचपन से ही साथ-साथ पढ़ते आए हैं। दोनों ने सिंहपुर से अपनी प्रारंभिक शिक्षा एक साथ प्राप्त की, इसके बाद सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आजमगढ़ में भी साथ पढ़ाई की। इंटरमीडिएट के बाद दोनों ने एक साथ NEET की तैयारी शुरू की और दिन-रात मेहनत करते हुए पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम कर दी।
आज परिवार में जश्न का माहौल है। रिश्तेदार, शिक्षक और ग्रामीण लगातार दोनों होनहार छात्रों को बधाइयां दे रहे हैं। सिद्धांत और सौरभ का कहना है कि इस सफलता का श्रेय उनके माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और पूरे परिवार के सहयोग को जाता है। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।धीरजीपुर के इन दो चचेरे भाइयों की यह उपलब्धि सिर्फ एक परीक्षा में सफलता नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए प्रेरणा है। सिद्धांत और सौरभ ने साबित कर दिया है कि जब सपने भी साथ हों, मेहनत भी साथ हो और हौसले भी साथ हों, तो सफलता भी साथ ही मिलती है। एक ही आंगन से निकलने वाले ये दो भावी डॉक्टर आज पूरे आजमगढ़ के लिए गर्व की वजह बन गए हैं।
