सर्राफा कारोबारी की पत्नी की हत्या और लूटपाट में आरोपी पूर्व ड्राइवर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
रीना वर्मा
कन्नौज। सर्राफा कारोबारी की पत्नी की हत्या और लूटपाट के मामले में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान सर्राफा कारोबारी के यहां पूर्व में कार्यरत रहे ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान ड्राइवर के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद उपचार हेतु उसे सीएचसी छिबरामऊ ले जाया गया है। लाखों रुपए का कर्ज चुकाने के लिए पूर्व ड्राइवर ने ही वारदात को अंजाम दिया था।
बताते चलें कि, बीती 25 मई को छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के बनवारी नगर में एक महिला मंजू वर्मा का उनके घर के अंदर रक्तरंजित अवस्था में शव मिला था। महिला के पति सर्राफा कारोबारी राजीव वर्मा जब अपने पुत्र शुभांशु के साथ दुकान से घर पहुंचे तो घर का गेट खुला था, इसके अलावा उनकी पत्नी का शव बेड पर रक्तरंजित अवस्था में पड़ा था, घर का सामान भी गायब था। घर के पास गली में सीसीटीवी कैमरे में देखने पर एक अज्ञात व्यक्ति लाल बाइक से पेडल जाता हुआ नजर आया था। घटना की जानकारी पर जहां मोहल्ले में लोगों में हड़कंप मच गया था वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
मृतिका के पति की तहरीर पर पुलिस ने मामले का मुकदमा पंजीकृत करते हुए घटना के खुलासे को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। मामले में शुरुआती जांच में सर्राफा कारोबारी के यहां कार्यरत रहे पूर्व ड्राइवर 37 वर्षीय शालू उर्फ शल्लू पुत्र फुंदन निवासी जेरकिला छिबरामऊ को पुलिस तलाश कर रही थी।
मामले को लेकर जांच पड़ताल में जुटी छिबरामऊ/एसओजी/सर्विलांस पुलिस टीमों को आखिर गुरुवार को सफतला हांथ लगी।
उपरोक्त आरोपी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीमों ने गुरुवार को फर्रुखाबाद छिबरामऊ मार्ग पर इंडियन पेट्रोल पंप के निकट सड़क पर मोर्चा लिया। इसी दौरान आरोपी पूर्व ड्राइवर से पुलिस की मुठभेड़ हुई और जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से पूर्व ड्राइवर घायल हुआ।
गिरफ्तारी के बाद घायल शालू को उपचार हेतु स्थानीय सीएचसी छिबरामऊ भिजवाया गया।
शालू ने बताया कि, वह सर्राफा कारोबारी राजीव की पूर्व में तीन साल गाडी चला चुका था। घर आने जाने के दौरान घर की पूरी जानकारी और कब कौन आता जाता है, इसकी भी पूरी जानकारी थी।
आरोपी ने बताया कि,घटना के दिन 1.40 बजे मैं राजीव के घर गया और उनकी पत्नी मंजू वर्मा को अकेला पाकर पहले उनसे दो घंटे तक बात की। उसने मंजू को यह भी बताया कि उसके ऊपर लोगों का 6/7 लाख रुपए कर्ज है, जिसको लेकर उसे परेशान किया जाता है।
इस दौरान पूर्व ड्राइवर ने मंजू से 30 हजार रुपए भी मांगे लेकिन मंजू ने मना कर दिया। जिस पर मैने मंजू के चेहरे पर घूंसो से हमला किया। हमले में महिला बेहोश होकर गिर गईं। जिसके बाद मैने उनके पहने हुए जेवर, अन्य ज्वैलरी ले ली। इसके बाद घर पर खड़ी एक बाइक लेकर निकल गया।
बताते चलें कि, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने के दौरान उसके पास से सर्राफा व्यापारी के यहां से लूटी गई ज्वैलरी 6 सोने की अंगूठी, एक उंगली छल्ला, एक जोड़ी झुमकी, एक सोने की जंजीर, एक बाइक, एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस भी बरामद किया है। मामले में आरोपी ड्राइवर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
मामले में पुलिस कप्तान विनोद कुमार ने बताया कि, उपरोक्त मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है।
